Healthcare worker

कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ने के कारण मध्यप्रदेश सरकार ने एक फैसला लिया हैं, जिसमें सरकार ने चिकित्सा सेवाओं और सामान्य स्वास्थ्य देखभाल को अगले तीन महीनों के लिए आवश्यक सेवाओं(ESMA) के रूप में घोषित किया है। इसका मतलब यह है कि अब कोई भी डॉक्टर, नर्स या पैरामेडिकल स्टाफ किसी भी मरीज को जरूरी इलाज कराने से नहीं रोक सकता।

मध्यप्रदेश सरकार ने राजपत्र में अपनी इस घोषणा को प्रकाशित करते हुए बताया कि राज्य की सभी स्वास्थ्य सेवाओं को अगले तीन महीनों के लिये ESMA के अंतर्गत लिया जा रहा हैं। जहाँ इन तीन महीनों की शुरुआत 31 अप्रैल से मानी जायेगी।

यह नियम राज्य की सभी चिकित्सा इकाइयों के लिये मान्य होगा, फिर चाहें वे इकाई सरकारी हो या गैर-सरकारी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह फैसला तेजी से बढ़ती कोरोना महामारी से रोकने के लिये लिया गया हैं।

स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव ने बताया कि कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है, साथ ही इस संक्रमण के कारण मृत्यु दर में भी वृद्धि हो रही हैं। ऐसे में सभी मरीजों को पर्याप्त इलाज मिलना बहुत जरूरी हो गया हैं। इसलिए स्वास्थ्य सेवाओं को ESMA में शामिल करने का फैसला लिया गया हैं। जो फिलहाल अगले तीन माह तक के लिये मान्य होगा।

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इस आदेश के आने के बाद से पूरे राज्य के सभी निजी व सरकारी चिकित्सा संस्थानों में सेवारत डॉक्टरों, नर्सो पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य कर्मचारियों को अगले तीन माह तक रोगियों के इलाज करने की मनाही करने की शक्ति छीन ली गई हैं।

इस फैसले के बाद से अब चिकित्सा उपकरणों के आदान-प्रदान, पुनःनिर्माण, एम्बुलेंस सेवायें, पानी, बिजली, भोजन जैसी कई सुविधाओं में अब चिकित्सा सेवा को भी शामिल किया गया हैं।

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